दिल्ली से कैसे जा सकते हैं बाबा केदारनाथ के धाम, जानें कहां और कैसे होता है रजिस्ट्रेशन?​on February 17, 2026 at 9:40 am

<p style=”text-align: justify;”><strong>Baba Kedarnath Shrine From Delhi:&nbsp;</strong>अगर आप बाबा केदारनाथ की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो इसे सिर्फ धार्मिक ट्रिप न समझें. यह एक हाई एल्टीट्यूड पिलग्रिमेज है, जहां सही प्लानिंग बेहद जरूरी होती है. उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”साल 2026″ href=”https://www.abplive.com/topic/new-year-2026″ data-type=”interlinkingkeywords”>साल 2026</a> में मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे. कपाट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसलिए ट्रैवल, मौसम और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी पहले से रखना समझदारी है. जान लीजिए दिल्ली से कैसे जा सकते हैं केदारनाथ. यात्रा के लिए कहां करवाना होगा रजिस्ट्रेशन.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली से कैसे पहुंचे केदारनाथ धाम?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली से केदारनाथ पहुंचने के लिए आपके पास कई ट्रैवल ऑप्शन हैं. सबसे पहले दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन, वोल्वो बस या अपनी कार से पहुंचा जा सकता है. वहां से सड़क के जरिए सोनप्रयाग तक सफर होता है. सोनप्रयाग से लोकल वाहन आपको गौरीकुंड तक छोड़ते हैं. इसके बाद असली सफर शुरू होता है. जहां से मंदिर तक करीब 16 से 18 किलोमीटर की चढ़ाई करनी होती है. यह ट्रैकिंग रूट अब पहले से बेहतर बना दिया गया है. लेकिन फिर भी फिजिकली फिट होना जरूरी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर पैदल सफर न कर पा रहे हों हो, तो घोड़ा, खच्चर, पालकी और पिट्ठू की सुविधा मिलती है. इसके अलावा हेलीकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध रहती है. जो फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी हेलीपैड से संचालित होती है. हेलीकॉप्टर से कुछ ही मिनटों में केदारनाथ पहुंचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले से बुकिंग जरूरी होती है. <a title=”मौसम” href=”https://www.abplive.com/weather” data-type=”interlinkingkeywords”>मौसम</a> का अपडेट लगातार चेक करते रहें. क्योंकि बारिश या बर्फबारी में यात्रा प्रभावित हो सकती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है. बिना रजिस्ट्रेशन के मंदिर परिसर में एंट्री नहीं मिलती. इसका मकसद यात्रियों की संख्या नियंत्रित करना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना और इमरजेंसी में ट्रैकिंग आसान बनाना है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए&nbsp; उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है. वहां नया अकाउंट बनाकर लॉग इन करें और नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर तथा यात्रा की तारीख जैसी जानकारी भरें.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>गंतव्य में केदारनाथ का चयन करें और आधार वेरिफिकेशन पूरा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और यात्रा पास ईमेल या व्हाट्सएप पर मिल जाता है. यात्रा के दौरान आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/photo-gallery/utility-news/post-office-scheme-will-eliminate-the-tension-of-old-age-earning-20-thousand-rupees-every-month-3090364″>पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में से खत्म हो जाएगी बुढ़ापे की टेंशन, हर महीने होती है 20 हजार की कमाई</a></strong></p>

​<p style=”text-align: justify;”><strong>Baba Kedarnath Shrine From Delhi:&nbsp;</strong>अगर आप बाबा केदारनाथ की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो इसे सिर्फ धार्मिक ट्रिप न समझें. यह एक हाई एल्टीट्यूड पिलग्रिमेज है, जहां सही प्लानिंग बेहद जरूरी होती है. उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में करीब 3,583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”साल 2026″ href=”https://www.abplive.com/topic/new-year-2026″ data-type=”interlinkingkeywords”>साल 2026</a> में मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे. कपाट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. इसलिए ट्रैवल, मौसम और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी पहले से रखना समझदारी है. जान लीजिए दिल्ली से कैसे जा सकते हैं केदारनाथ. यात्रा के लिए कहां करवाना होगा रजिस्ट्रेशन.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली से कैसे पहुंचे केदारनाथ धाम?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली से केदारनाथ पहुंचने के लिए आपके पास कई ट्रैवल ऑप्शन हैं. सबसे पहले दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश तक ट्रेन, वोल्वो बस या अपनी कार से पहुंचा जा सकता है. वहां से सड़क के जरिए सोनप्रयाग तक सफर होता है. सोनप्रयाग से लोकल वाहन आपको गौरीकुंड तक छोड़ते हैं. इसके बाद असली सफर शुरू होता है. जहां से मंदिर तक करीब 16 से 18 किलोमीटर की चढ़ाई करनी होती है. यह ट्रैकिंग रूट अब पहले से बेहतर बना दिया गया है. लेकिन फिर भी फिजिकली फिट होना जरूरी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर पैदल सफर न कर पा रहे हों हो, तो घोड़ा, खच्चर, पालकी और पिट्ठू की सुविधा मिलती है. इसके अलावा हेलीकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध रहती है. जो फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी हेलीपैड से संचालित होती है. हेलीकॉप्टर से कुछ ही मिनटों में केदारनाथ पहुंचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले से बुकिंग जरूरी होती है. <a title=”मौसम” href=”https://www.abplive.com/weather” data-type=”interlinkingkeywords”>मौसम</a> का अपडेट लगातार चेक करते रहें. क्योंकि बारिश या बर्फबारी में यात्रा प्रभावित हो सकती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>कैसे करवाएं रजिस्ट्रेशन?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है. बिना रजिस्ट्रेशन के मंदिर परिसर में एंट्री नहीं मिलती. इसका मकसद यात्रियों की संख्या नियंत्रित करना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना और इमरजेंसी में ट्रैकिंग आसान बनाना है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए&nbsp; उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है. वहां नया अकाउंट बनाकर लॉग इन करें और नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर तथा यात्रा की तारीख जैसी जानकारी भरें.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>गंतव्य में केदारनाथ का चयन करें और आधार वेरिफिकेशन पूरा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर और यात्रा पास ईमेल या व्हाट्सएप पर मिल जाता है. यात्रा के दौरान आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ें: <a href=”https://www.abplive.com/photo-gallery/utility-news/post-office-scheme-will-eliminate-the-tension-of-old-age-earning-20-thousand-rupees-every-month-3090364″>पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में से खत्म हो जाएगी बुढ़ापे की टेंशन, हर महीने होती है 20 हजार की कमाई</a></strong></p>  

Tags

Share this post:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore